Department of Backward Classes and Minorities Welfare
पिछड़ा वर्ग छात्रवृत्ति योजना(Backward Class Scholarship Scheme)
- पिछड़ा वर्ग से सम्बंधित छात्रों के लिए(for Students belonging to Backward Class)
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Post-Matric Scholarship for Backward Class Students

छात्रवृत्ति का उद्देश्य
इस योजना का उद्देश्य भारत में मैट्रिकोत्तर या माध्यमिकोत्तर कक्षाओं में पढऩे वाले मध्यप्रदेश राज्य के पिछड़ा वर्ग के छात्र/छात्राओं को वित्तीय सहायता प्रदान करना है, जिससे वे अपनी शिक्षा पूरी करने में समर्थ हो सकें।

योजना का क्षेत्र
ये छात्रवृत्तियाँ भारत में अध्ययन करने के लिए पिछड़ा वर्ग के उन छात्र / छात्राओं को देय होगी जो मध्यप्रदेश् राज्य के वास्तविक निवासी हो अर्थात्‌ वे यहाँ स्थाई रूप से रहने लगे हों।

पात्रता की शर्तें
  • ये छात्रवृत्तियाँ मध्यप्रदेश् में वास्तविक रूप से स्थाई निवास करने वाले उन छात्र / छात्राओं को जो कि मध्यप्रदेश राज्य द्वारा घोषित पिछड़ा वर्ग के हों, देय होगी। मध्यप्रदेश राज्य द्वारा घोषित पिछड़ा वर्ग की सूची (सहपत्रलृएक) संलग्र है।
  • ये छात्रवृत्ति याँ निम्रलिखित अपवादों को छोड़ मान्यता प्राप्त संस्थाओं में पढ़ाये जाने वाले सभी मान्यता प्राप्त मैट्रिकोत्तर तथा माध्यमिकोत्तर पाठ्‌यक्रम के अध्ययन के लिए दी जावेगी।
    ''विमान अनुरक्षण इंजीनियर का पाठ्‌यक्रम तथा अशासकीय विमान चालक लायसेंस पाठ्‌यक्रम, प्रशिक्षण जलयन डफरिन (अब राजेन्द्र) के पाठ्‌यक्रम, सैनिक महाविद्यालय, देहरादून के प्रशिक्षण पाठ्‌यक्रमो'', ''अखिल भारतीय तथा राज्य स्तरीय परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केन्द्र के पाठ्‌यक्रमो तथा औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं के शिल्प पाठ्‌यक्रमो जैसे प्रशिक्षण पाठ्‌यक्रमो के लिए ये छात्रवृत्ति याँ नहीं दी जावेगी।''
  • केवल वे ही उमीदवार, जो मध्यप्रदेश राज्य क्षेत्र के पिछड़ा वर्ग के सदस्य हो तथा जो यहाँ वस्तुतः निवास करते हों अर्थात्‌ जो यहाँ स्थायी रूप से बस गये हों और जिन्होंने किसी मान्यता प्राप्त माध्यमिक शिक्षा मंडल की मैट्रिक या उच्चतर माध्यमिक परीक्षा या विश्वविद्यालय या कोई अन्य समकक्ष परीक्षा या कोई उच्चतर परीक्षा उत्तीर्ण कर ली हो, इसके पात्र होंगे।
  • ऐसे उमीदवार जो शिक्षा का एक चरण उत्तीर्ण करने के पश्चात्‌ शिक्षा के उसी चरण में किसी दूसरे विषय में अध्ययन करने लगे, उदाहरणार्थ, इन्टर साइन्स के बाद इन्टर आर्टस करने लगे या बी.काम के बाद बी.ए. करने लगे या एक विषय में एम.ए. करने के बाद किसी दूसरे विषय में एम.ए. करने लगे, इसके पात्र नहीं होंगे।
  • ऐसे उमीदवार जो किसी एक व्यवसाय में शैक्षणिक योग्यता प्राप्त कर लेने के बाद किसी दूसरे व्यवासय में शैक्षणिक योग्यता प्राप्त करने के लिये अध्ययन प्रारभ कर दें, जैसे बी.टी./बी.एड. के बाद एल.एल.बी करने लगे, इसके पात्र नहीं होंगे।
  • निरन्तर शाला पाठ्‌यक्रम होने के कारण उच्चतर माध्यमिक शाला पाठ्‌यक्रम ग्यारहवीं कक्षा में या बहुउद्देशीय उच्च शाला की बारहवीं कक्षा में पढऩे वाले छात्र इसके पात्र नहीं होंगे।तथापि, उन मामलों में जिनमें ऐसे पाठ्‌यक्रमो की दसवीं कक्षा की परीक्षा मैट्रिक के समकक्ष मानी जाती हो, और दसवीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद छात्रों ने अन्य पाठ्‌यक्रमो में प्रवेश लिया हो, ऐसे छात्रों को मैट्रिकोत्तर छात्र समझा जाएगा और वे छात्रवृत्ति पाने के पात्र होंगे।
  • चिकित्सा में स्नातकोत्तर पाठ्‌यक्रम में पढऩे वाले छात्र इसके पात्र होंगे, बशर्ते उनके अध्ययन काल में उन्हें प्रेタटिस करने की अनुमति न दी गई हो।
  • ऐसे उमीदवारों को जिन्होंने कला/विज्ञान/वाणिज्य में स्नातक पूर्व/स्नातकोत्तर परीक्षा अनुत्तीर्ण या उत्तीर्ण करने के बाद किसी मान्यता प्राप्त व्यवसायिक या तकनीकी प्रमाण-पत्र डिप्लोमा उपाधि पाठ्‌यक्रम में प्रवेश लिया हो, छात्रवृत्ति दी जाऐगी, बशर्तें वे अन्यथा रूप से इसके पात्र हों। उसके बाद अनुत्तीर्ण होने की छूट नहीं दी जाएगी। (समूह 'अ' के पाठ्‌यक्रमो को छोड़) और आगे पाठ्‌यक्रम में परिवर्तन करने की भी अनुमति नहीं दी जाएगी।
  • ऐसे उमीदवार, जो पत्राचार पाठ्‌यक्रमो के माध्यम से अध्ययन करते है अब वे आगे वापिस न किए जाने वाली फीस की प्रतिपूर्ति के पात्र होंगे। पत्रचार पाठ्‌यक्रम में स्पष्ट और निरन्तर शिक्षा शामिल है। आगे वापिस न की जाने वाली फीस के साथ-साथ ऐसे विद्यार्थी अनिवार्य/निर्धारित पुस्तकों के लिये रुपये 500/- का वार्षिक भत्ता प्राप्त करने के पात्र भी होंगे।
  • ऐसे छात्र जो पूर्णकाल/अंशकाल नियोजन में हों, इसके पात्र नहीं होगे, तथापि, नियोजित छात्र जिन्होंने पाठ्‌यक्रम की सपूर्ण अवधि की अवैतनिक छुट्‌टी ले ली हो तथा जो पूर्णकालिक छात्र के रूप में अध्ययन कर रहे हो, छात्रवृत्ति पाने के पात्र होंगे। ऐसे नियेजित विद्यार्थी जिनकी आय उनके माता-पिता/अभिभावकों की आय सहित रूपये 75000,/- वार्षिक से अधिक न हो, मैट्रिकोत्तर छात्रवृत्ति के पात्र होंगे। इसमें मात्र सभी अनिवार्य देय जो वापिस न करने योग्य हो शुल्क ही देय होगा।
  • अंशकालिक पाठ्‌यक्रमो के अध्येता छात्र इसके पात्र नहीं होंगे।
  • एक ही माता-पिता / अभिभावक के केञ्वल दो बच्चे छात्रवृत्ति प्राप्त करने के हकदार होगे। यह प्रतिबन्ध लड़कियों पर लागू नहीं होगा।
  • इस योजना के अधीन छात्रवृत्ति पाने वाला कोई भी छात्र कोई अन्य छात्रवृत्ति /शिष्यवृत्ति नहीं लेगा। यदि कोई अन्य छात्रवृत्ति / शिष्यवृत्ति प्रदान की गई है तो छात्र दोनों छात्रवृत्ति / शिष्यवृत्ति में से किसी एक को, जो भी उसके लिए अधिक लाभप्रद हो, अपना विकल्प दे सकता है और किए गए विकल्प के बारे में संस्था के प्रधान के माध्यम से प्रदानकर्ता प्राधिकारी को सूचना देनी चाहिए। छात्र / छात्रा को उस तारीख से जिससे वह दूसरी छात्रवृत्ति / शिष्यवृत्ति स्वीकार करता / करती है, इस योजना के अधीन (किसी भी) छात्रवृत्ति का भुगतान नहीं किया जावेगा। तथापि, छात्र राज्य शासन से या किसी अन्य स्त्रोतों से पुस्तकें, उपकरण खरीदने या आवास तथा भोजन व्यवस्था पर होने वाले व्यय को पूरा करने के लिए इस योजना के अधीन भुगतान की गई छात्रवृत्ति की रकम के अतिरिक्त निःशुल्क भोजन या अनुदान या तदर्थ आर्थिक सहायता स्वीकार कर सकता है।
  • ऐसे छात्र जो पहले से ही शासन से वित्तीय सहायता प्राप्त कर परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केञ्न्द्रों में से किसी एक में प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हो, पात्र नहीं होंगे।
  • किसी भी पाठ्‌यक्रम में पेमेन्ट सीट के विरुद्ध प्रवेश लेने वाले विद्यार्थी इसके पात्र नहीं होंगे।

आय जाँच
पिछड़ा वर्ग के छात्रों को छात्रवृत्ति यों का भुगतान निनलिखित ''आय जाँच'' के अनुसार किया जावेगा।
  • समूह 'अ' अंतर्गत केञ्वल मेडिकल / इंजीनियरिंग में डिग्री और पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स करने वाले विद्यार्थियों के मामले में जिनके मातालृपिता / अभिभावक की आय सभी स्रोतों से भारत सरकार, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा निर्धारित रुपये 44,500/- वार्षिक से अधिक न हो।
    पूरा अनुरक्षण भत्ता तथा पूरी फीस।
  • उपरोक्त को छोडक़र अन्य सभी समूहों एवं समूह 'अ' के शेष पाठ्‌यक्रमो के लिए उन विद्यार्थियों के मामले में जिनके माता-पिता / अभिभावक की आय सभी प से रुपये 75000/- वार्षिक से अधिक न हो
    - पूरा अनुरक्षण भात्ता तथा पूरी फीस।
  • उन छात्रों के मामले में जिनके माता-पिता/अभिवावक की आय सभी स्त्रोतों से रुपये 75000/- वार्षिक से अधिक हो
    - कोई छात्रवृत्ति नहीं।
  • टीप : (एक) जब तक माता-पिता में से कोई एक (या विवाहित बेरोजगार छात्रा के मामले में पति) जीवित हो, तो केवल माता-पिता/पति (यथा-स्थिति) की सभी स्त्रोतों से आय ही ली जानी चाहिए न कि अन्य सदस्यों की आय, भले ही वे कमा रहे हों। आय की घोषणा वाले फार्म में आय इसी आधार पर घोषित की जानी चाहिए। केवल ऐसे मामले में जहाँ माता-पिता दोनों (अथवा बेरोजगार विवाहित छात्रा के मामले में पति) मर चुके हों, तब उस अभिभावक की आय को लेना होगा जो विद्यार्थी के अध्ययन में सहायता कर रहा है। ऐसे विद्यार्थी जिनके माता-पिता की आय दुर्भाग्यवश किसी एक की मृत्यु के कारण प्रभावित होती है और इस प्रकार इस योजना के अंतर्गत निर्धारित आय सीमा में आ जाती है तो ऐसे दुखद घटना के होने वाले महीने से वह छात्रवृत्ति के पात्र बन जावेगें बशर्त कि वे पात्रता की अन्य शर्तें पूरी करते हों। ऐसे विद्यार्थियों से छात्रवृत्ति हेतु आवेदन अनुकपा के आधार पर, आवेदन प्राप्ति की अन्तिम तिथि के समाप्त होने के बाद भी विचार किए जा सकते हैं।
  • टीप : (दो) किसी विद्यार्थी के माता-पिता द्वारा प्राप्त किये जाने वाले गृहभाड़ा भो को आय में शामिल नहीं किया जावेगा बशर्ते उसे आयकर के प्रयोजन के लिए छूट दी गई हो।
  • टीप : (तीन) किसी विद्यार्थी से आय प्रमाण पत्र केवल एक बार ही माँगा जावेगा (अर्थात्‌ किसी पाठ्‌यक्रम में जो एक वर्ष से अधिक अवधि का हो, में दाखिला लेते समय)

छात्रवृत्ति की दरें
छात्रवृत्ति की रकम में अनुरक्षण व्यय, फीस तथा अनुमोदित अध्ययन दौरे तथा शोघ प्रबन्ध के मुद्रलेखन तथा मुद्रण पर होने वाले व्यय शामिल हैं। जिनके यौरे नीचे दिये गये हैः-
  • अनुरक्षण भत्ता
  • नेत्रहीन विद्यार्थियों के लिए रीडर प्रभार (नेत्रहीन छात्रवृत्ति यों नेत्रहीन विद्यार्थियों को निम्रलिखित अतिरिक्त राशि रीडर प्रभार के रूप में प्रदान की जावेगी)।
    समूह रीडर भ्‍ात्‍ता (नेत्रहीन विद्यार्थियां के लिए) प्रतिमाह
    समूह 'अ', 'आ', 'इ' रुपये 100
    समूह 'ई' रुपये 75
    समूह 'उ' रुपये 50
  • फीस :
    विद्यार्थियों को नामांकन/पंजीयन, शिक्षण, खेलकूद, यूनियन, पुस्तकालय, पत्र-पत्रिकाएं चिकित्सा-जाँच फीस का तथा शैक्षणिक संस्था या विश्वविद्यालय / मंडल को विद्यार्थी द्वारा अनिवार्य रूप से दी जाने वाली ऐसी अन्य फीस का भुगतान किया जाएगा, परन्तु इसमें अवधान राशि, प्रतिभूति जमा जैसी वापसी योग्य जमा रकम में शामिल नहीं होंगी एवं यह फीस उसी सीमा तक देय होगी जो किसी शासकीय संस्था में उसी पाठ्‌यक्रम में अध्ययनरत पिछड़े वर्ग के विद्यार्थी से ली जाती है।
    विद्यार्थियों को स्वीकृति‍ अनुसार देय फीस की राशि का भुगतान विभाग द्वारा संबंधित शिक्षण संस्था को किया जावेगा। अतः किसी भी शिक्षण संस्था द्वारा पिछड़े वर्ग के विद्यार्थियों से अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थी की तरह ही कोई शुल्क न लेकर पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग से शुल्क की प्रतिपूर्ति के लिए प्रस्ताव संस्था द्वारा सक्षम प्राधिकारी को प्रस्तुत किया जावेगा।
  • अध्ययन दौरा :
    व्यावसायिक तथा तकनीकी पाठ्‌यक्रम का अध्ययन करने वाले छात्रों को अध्ययन दौरा व्यय दिया जाएगा जो अधिक से अधिक 500 रुपये प्रतिवर्ष तक तथा रेल/बस किराया, तांगा व्यय आदि पर छात्र द्वारा किये गये वास्तविक व्यय तक सीमित होगा, बशर्ते संस्था-प्रमुख यह प्रमाणित करें कि अध्ययन दौरा छात्र/छात्रा के अध्ययन पाठ्‌यक्रम को पूरा करने के लिऐ अत्यन्त आवश्यक है।
  • शोध प्रबन्ध के मुद्रलेखन/मुद्रण का व्ययः-
    संस्था प्रमुख की सिफारिश पर शोध छात्रों को अधिक से अधिक 600 रुपये तक का मुद्रलेखन/मुद्रण व्यय भी दिया जाएगा।

उम्मीदवारों का चयन
  • पिछड़ा वर्ग के समस्त पात्र उमीदवारों को विनियम 4. में विहित आय जाँच के अध्यधीन छात्रवृत्ति यां दी जावेंगी।
  • उन उमीदवारों को जो एक राज्य से संबंधित हैं किन्तु दूसरे राज्य में अध्ययन कर रहे हैं, उन राज्यों द्वारा छात्रवृत्ति याँ दी जाएगी जिस राज्य के वे हैं तथा वे अपना आवेदन पत्र उसी राज्य के सक्षम प्राधिकारियों को प्रस्तुत करेंगे। शुल्कों में छूट तथा अन्य रियायतों के मामले में भी यही समझा जायेगा कि वे अपने ही राज्य में अध्ययन कर रहे हैं।

अवधी तथा नवीनीकरण
  • एक बार दी गई छात्रवृत्ति उस समय से, जब वह दी गई, पाठ्‌यक्रम पूरा होने तक चालू रहेगी। शर्त केवल यह है कि आचरण अच्छा रहे तथा उपस्थिति में नियमितता बरती जावें। उसे प्रतिवर्ष नवीनीकृत किया जावेगा, बशर्तें कि उसे ऐसी छूट विश्वविद्यालय द्वारा या संस्था द्वारा दी जाती हो, उच्चतर कक्षा में पदोन्नत कर दिया जाता है।
  • यदि कोई पिछड़ा वर्ग का छात्र जो चिकित्सा और इंजीनियरिंग पाठ्‌यक्रम में पढ़ रहा हो, पहली बार परीक्षा में अनुत्‍तीर्ण हो जाए तो छात्रवृत्ति स्वीकृत की जा सकती है। किसी भी कक्षा में दूसरी बार और उसके बाद अनुत्‍तीर्ण होने पर विद्यार्थी को तब तक अपना खर्च वहन करना होगा जब तक कि वह अगली कक्षा में न चढ़ जाय।
  • यदि कोई छात्र बीमारी के कारण वार्षिक परीक्षा में न बैठ सके, तो संस्था के प्रमुख के समाधान एवं चिकित्सा प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करने पर और उसके द्वारा यह प्रमाणित करने पर कि यदि छात्र परीक्षा में बैठता तो वह उत्तीर्ण हो जाता छात्रवृत्ति अगले शैक्षणिक वर्ष के लिये स्वीकृत की जा सकेगी।
  • यदि कियी विश्वविद्यालय/संस्था के विनियमों के अनुसार कोई छात्र अगली उच्च कक्षा में चढ़ा दिया जाये, भले ही वह निचली कक्षा में वस्तुतः उत्तीर्ण न हुआ हो और उसे कुञ्छ समय बाद फिर निचली कक्षा की परीक्षा आवश्यक हो तो वह उस कक्षा के लिए छात्रवृत्ति का हकदार होगा जिसमें वह चढ़ा दिया गया है, यदि छात्र अन्यथा रूप से छात्रवृत्ति का पात्र हो।

भुगतान
  • अनुरक्षण भत्‍ता एक अप्रैल या प्रवेश के माह से जो भी बाद में हो उस माह तक जिसमें शैक्षणिक वर्ष के अन्त में परीक्षायें समाप्त हो, भुगतान योग्य है (छुट्टियों में पोषण व्यय सहित) परन्तु यदि छात्र किसी माह के 20 दिन बाद प्रवेश पाता है तो स्वीकृति‍ भुगतान प्रवेश के माह के अगले माह से की जायेगी।
  • पिछले वर्ष में दी गई छात्रवृत्ति के नवीनीकरण के मामले में अनुरक्षण भो का भुगतान उस माह के बाद से किया जाएगा जिस तक पिछले वर्ष में छात्रवृत्ति का भुगतान किया जा चुका था, यदि अध्ययन लगातार चल रहा हो।
  • सभी विद्यार्थियों से अनुरक्षण भ्‍ात्‍तें में से पाठ्‌य पुस्तके लेखन सामग्री आदि खरीदने की अपेक्षा की जाती है। यदि संबंधित संस्था प्रमुख को यह पता चले कि छात्र के पास पाठ्‌य-पुस्तके लेखन-सामग्री आदि नहीं हैं तो छात्रवृत्ति स्वीकृत करने वाले प्राधिकारी के विवेकानुसार छात्रवृत्ति की राशि कम की जा सकेगी।

छात्रवृत्ति देने के लिए अन्य शर्तें
  • छात्रवृत्ति का दियाजाना विद्यार्थी की संतोषप्रद प्रगति तथा आचरण पर निर्भर करता है। यदि किसी समय संस्था प्रमुख द्वारा यह सूचित किया जाता है कि कोई छात्र अपने कार्य या चूक के कारण संतोषजनक प्रगति करने में असफल रहा है और किसी कदाचरण का दोषी है जैसे हड़ताल करना या उसमें भाग लेना, संबंधित प्राधिकारी की अनुमति के बिना उपस्थित होने में अनियमितता बरतना आदि का दोषी पाया गया है तो छात्रवृत्ति स्वीकृत करने वाला प्राधिकारी या तो छात्रवृत्ति रद्द कर सकेञ्गा या बन्द कर सकेञ्गा या ऐसी अवधि के लिए उसका आगे का भुगतान रोक सकेञ्गा जैसा कि वह उचित समझे।
  • यदि यह पता चले कि उमीदवार ने मिथ्या कथन द्वारा छात्रवृत्ति प्राप्त की है, तो उसकी छात्रवृत्ति तुरन्त रद्द कर दी जायेगी और भुगतान की गई छात्रवृत्ति की राशि राज्य शासन के निर्देशानुसार वसूल की जाएगी। संबंधित विद्यार्थी का नाम काली सूची में दर्ज किया जावेगा और उसे किसी भी योजना में सदैव के लिए छात्रवृत्ति से वंचित कर दिया जायेगा।
  • यदि कोई छात्र अध्ययन पाठ्‌यक्रम के विषय को बदलता है जिसके लिये मूलतः उसे छात्रवृत्ति प्रदान की गई थी अथवा राज्य शासन के पूर्वानुमोदन के बिना अपनी अध्ययन संस्था को बदलता है तो उसे दी गई कोई भी छात्रवृत्ति निरस्त की जा सकती है। संस्था प्रमुख शासन को ऐसे मामलों की सूचना देगा और छात्रवृत्ति की राशि का भुगतान बन्द कर देगा। पूर्व में भुगतान की गई राशि भी राज्य शासन के विवेकानुसार वसूल की जा सकेगी।
  • यदि छात्र अध्ययन वर्ष के दौरान, अपना अध्ययन जिसके लिए उसे छात्रवृत्ति दी गई थी, बन्द कर देता है तो राज्य शासन के विवेकानुसार वह छात्रवृत्ति की राशि लौटाने के लिए बाध्य होगा।
  • राज्य सरकार के विवेकानुसार कोई भी विनियम किसी भी समय बदला जा सकता है।

अंतिम तिथि
  • छात्रवृत्ति के लिए प्रत्येक उमीदवार द्वारा संस्था प्रमुख को प्रत्येक वर्ष 30 सितबर तक अथवा संबंधित कोर्स प्रारभ होने के 30 दिन के अन्दर जो भी बाद में हो ऐसे निर्धारित प्रारूप में, ऐसे प्रमाण-पत्रों/सहपत्रों सहित ऐसी समयावधि में आवेदन किया जावेगा जो समय-समय पर राज्य शासन द्वारा निर्धारित किये जायें।
  • निर्धारित समयावधि के बाद किये गए आवेदनों या अपूर्ण आवेदनों या निर्धारित प्रमाण-पत्रों/सहपत्रों के बगैर किए गए आवेदनों पर विचार नहीं किया जावेगा।

आवेदन की प्रक्रिया
  • छात्रवृत्ति के आवेदन पत्र में निनलिखित सम्‍मलित होना चाहिए।
    • (क) निर्धारित फार्म में छात्रवृत्ति के लिए आवेदन पत्र की एक प्रति नई तथा नवीनीकृत छात्रवृत्ति के लिए अलग-अलग आवेदन प्रपत्र निर्धारित किए गए है।
    • (ख) छात्र द्वारा हस्ताक्षर की हुई पासपोर्ट आकार फोटो (नई छात्रवृत्ति के लिए)।
    • (ग) सभी उत्तीर्ण परीक्षाओं से संबंधित डिप्लोमा डिग्री इत्यादि के प्रमाण-पत्रों की एक सत्यापित प्रति।
    • (घ) प्राधिकृत राजस्व अधिकारी जो तहसीलदार के स्तर से नीचे न हो के द्वारा यथाविधि हस्ताक्षर किया हुआ एक जाति प्रमाण-पत्र की सत्यापित प्रतिलिपि।
    • (ङ) माता-पिता/अभिभावक द्वारा सभी स्‍त्रात से आय बतलाते हुए आय की घोषणा एवं आय प्रमाण पत्र की सत्यापित प्रतिलिपि।
    • (च) आवेदन पत्र से संलग्र फार्म में संबंधित संस्थान के प्रधान द्वारा यथाविधि प्रति हस्ताक्षर की गई छात्रवृत्ति की प्राप्ति की रसीद यदि आवेदक ने इस योजना के अन्तर्गत पूर्ववर्ती वर्ष में छात्रवृत्ति प्राप्त की हो।
  • सभी प्रकार से पूर्ण आवेदन पत्र, अयार्थी जिस संस्थान में अध्ययन कर रहा है या अध्ययन कर चुका हो के प्रधान को प्रस्तुत किए जाए तथा विद्यार्थी से संबंधित राज्य सरकार/संघ राज्य क्षेत्र द्वारा समय-समय पर जारी किए गए अनुदेशों के अनुसार उनके द्वारा इस उद्देश्य के लिए विनिर्दिष्ट अधिकारी को संबोधित किए जाएं।
  • अपूर्ण या निर्धारित तिथि के पश्चात्‌ प्राप्त हाने वाले आवेदन पत्रों पर विचार नहीं किया जाएगा।
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